मुख सामग्री माथै जावो

राजस्थानी कहाणी केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका

आपणी भासा में आपणी पत्रिका

कथेसर राजस्थानी कहाणी री तिमाही पत्रिका है। परलीका (नोहर) सूं छपै अर राजस्थानी भासा री नवी-जूनी कहाणियां, आलोचना अर बातचीत पाठकां तांई पूगावै।

कथेसर : विजयदान देथा जलमसती अंक 58-59 रो आवरण
कथेसर : विजयदान देथा जलमसती अंक 58-59₹90₹150
कथेसर : विजयदान देथा जलमसती अंक 58-59 रो आवरण

ताजा अंक

कथेसर : विजयदान देथा जलमसती अंक 58-59

हर तीन महीना नवो अंक — राजस्थानी री नवी-जूनी कहाणियां, आलोचना अर बातचीत।

पोथ्यां

सगळा देखो →

जूना अंक

सगळा देखो →

कथेसर री सदस्यता

हर बरस 4 अंक सीधा थारै घरां। एक बार भुगतान, बरसां तांई बांचो।

  • 5 बरस

    ₹850

    हर बरस 4 अंक

    • हर बरस 4 छपी अंक घरां
    • विसेसांक अर जलमसती अंक सामल
    • 5 बरस में 20 अंक
    ओ प्लान लो
  • 10 बरस

    ₹1,500

    हर बरस 4 अंक

    • हर बरस 4 छपी अंक घरां
    • विसेसांक अर जलमसती अंक सामल
    • 10 बरस में 40 अंक
    ओ प्लान लो
  • सबसूं फायदेमंद

    आजीवन

    ₹2,500

    हर बरस 4 अंक

    • हर बरस 4 छपी अंक घरां
    • विसेसांक अर जलमसती अंक सामल
    • जिंदगी भर, कदैई नवीनीकरण नीं
    ओ प्लान लो

आपणी बात

सगळा देखो →
  • समीक्षा

    भरखमा

    ‘भरखमा’ फगत तीन कहाणियां रो संग्रै। लंबी कहाणियां रो संग्रै राजस्थानी में पैली बार। आ लंबाई ई सायास कोनी अनायास…

  • लोकार्पण

    ‘भणाई रो मारग’ लोकार्पित

    युवा साहित्यकार डॉ. जितेंद्रकुमार सोनी (जिला कलेक्टर, नागौर) री किताब ‘भणाई रो मारग’ (शिक्षण- माध्यम माथै गांधी-विचार केन्द्रित) रो लाइव…

  • खबर

    ‘कथेसर’ का मतलब

    ‘कथेसर’ रै इण मंच माथै आपरो घणै मान स्वागत है।अठै आप ‘कथेसर’ रा सदस्य बण सको। राजस्थानी किताबां बपरा सको।आज…

कथेसर री चिट्ठी

नवा अंक, छूट अर साहित्य री खबरां — महीनै में एक-दो बार, सीधी थारै ईमेल में।